चक्कर आना, सिर घूमना और संतुलन संबंधी विकारों के लिए विश्व की सबसे बड़ी क्लीनिक श्रृंखला
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जो आपने अनुभव किए हैं, उन पर टैप करें — हम आपको कारण और इलाज पहचानने में मदद करेंगे।

ऐसा लगता है कि कमरा घूम रहा है।
हल्का चक्कर या कमजोरी महसूस होना
चलते समय लड़खड़ाना
कानों में भनभनाहट या भरेपन का एहसास होना
सिर घुमाने पर
के साथ संतुलन की समस्या
यह कैसे काम करता है
बिना किसी उलझन या अंदाज़े के—बेहतर संतुलन की ओर आपका सफर सिर्फ़ 3 आसान और स्पष्ट कदमों में।
अपने लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के बारे में हमारे वर्टिगो विशेषज्ञ से बात करें, ताकि आपकी समस्या को अच्छी तरह समझकर आगे की सही जाँच और उपचार की योजना बनाई जा सके।
हमारे वर्टिगो विशेषज्ञों से बात करें और अपने नज़दीकी NeuroEquilibrium Vertigo Clinic में अपॉइंटमेंट बुक करें।
हमारे प्रशिक्षित वर्टिगो विशेषज्ञ आपके लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री को ध्यान से समझते हैं, ताकि आपकी समस्या की सही पहचान की जा सके।
हज़ारों मरीज वर्टिगो, चक्कर आने और संतुलन संबंधी समस्याओं की सही जाँच और वैज्ञानिक आधार पर उपचार के लिए NeuroEquilibrium पर भरोसा करते हैं।
आपके लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर की जाने वाली उन्नत वर्टिगो जाँच से यह पता लगाया जाता है कि चक्कर आने या संतुलन बिगड़ने की असली वजह क्या है।

यह जाँच बताती है कि आपके भीतरी कान (Inner Ear) का संतुलन तंत्र और उससे जुड़े मस्तिष्क के हिस्से सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।

यह जाँच समझती है कि आपका शरीर संतुलन को किस तरह महसूस करता है।

यह जाँच देखती है कि सिर हिलाने या रोज़मर्रा की गतिविधियों के दौरान आपका संतुलन और देखने की क्षमता कितनी अच्छी तरह बनी रहती है।

इस जाँच में दोनों कानों की अलग-अलग जाँच की जाती है, ताकि संतुलन तंत्र में किसी कमजोरी या असमानता का पता चल सके।
NeuroEquilibrium में आपकी जाँच के आधार पर समस्या की असली वजह पहचानकर, आपके लिए एक व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है।

सिर की कुछ आसान और सुरक्षित हरकतों के माध्यम से BPPV में भीतरी कान के छोटे-छोटे कणों (क्रिस्टल्स) को उनकी सही जगह पर पहुँचाया जाता है, जिससे चक्कर में राहत मिलती है।

आपकी ज़रूरत के अनुसार तैयार किए गए विशेष व्यायाम चक्कर कम करने, संतुलन बेहतर बनाने और रोज़मर्रा के काम आसानी और सुरक्षित तरीके से करने में मदद करते हैं।

हमारे विशेषज्ञ आपको आपकी समस्या को समझने, लक्षणों को बेहतर ढंग से संभालने और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में फिर से आत्मविश्वास के साथ लौटने में मार्गदर्शन देते हैं।
पेशेंट्स की राय
रिकवरी का सफर— जैसा उन्होंने खुद बताया, अपनी भाषा में।
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देखिए वह जगह जहाँ आपके ठीक होने का सफर शुरू होता है। आधुनिक जाँच सुविधाओं से लेकर आरामदायक और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाए गए उपचार कक्षों तक—हमारे क्लिनिक का हर हिस्सा आपकी सही जाँच, आराम और बेहतर देखभाल के लिए तैयार किया गया है।
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वर्टिगो और चक्कर से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वर्टिगो का मतलब है चक्कर आना या शरीर का असंतुलन। मरीज़ इसे अलग-अलग तरह से बता सकते हैं जैसे चक्कर आना, सिर घूमना, संतुलन बिगड़ना, मरीज़ ऐसा महसूस करता है की वह घूम रहा है या उन्हें ऐसा लगता है की वे गिर सकते हैं। वर्टिगो, बहुत तेज़ दौरे या बार-बार आने वाले दौरे के रूप में हो सकता है।
वर्टिगो, संतुलन प्रणाली के कई प्रकार के डिसोर्डर के कारण हो सकता है। ज़्यादातर यह मरीज़ के अंदर के कान की समस्याओं के कारण होता है। यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र), शरीर की प्रणालियों में गड़बड़ी जैसे ठीक से नियंत्रित न किया गया रक्तचाप (BP) या मनोवैज्ञानिक डिसोर्डर के कारण भी हो सकता है। सामान्य कारणों में बेनाइन पेरॉक्सिस्मल पोजिशनल वर्टिगो (BPPV), मेनिएर्स रोग, वेस्टिबुलर माइग्रेन, लेबिरिंथाइटिस, वेस्टिबुलर न्यूरिटिस, सिर पर चोट, दिल का दौरा आदि जैसे डिसोर्डर शामिल हैं।
बीपीपीवी (BPPV) (बेनाइन पेरॉक्सिस्मल पोजिशनल वर्टिगो), वर्टिगो के सबसे आम कारणों में से एक है। इस स्थिति में, मरीज़ बिस्तर से उठने या कुछ खास स्थिति में सिर को हिलाने से चक्कर आने की शिकायत करता है। जब अंदर के कान में कैल्शियम कार्बोनेट क्रिस्टल अपनी जगह से हिल जाते हैं तब बीपीपीवी (BPPV) होता है। कान में इन क्रिस्टल्स की जगह की पहचान करके और उन्हें कुछ खास व्यायाम (मन्यूवर) के जरिये फिर से अपनी जगह पर वापस ले जाकर इसका ट्रीटमेंट किया जाता है।
वीएनजी (VNG) सिर घूमने की शिकायत करने वाले मरीज़ों के लिए एक महत्वपूर्ण जांच है। विभिन्न जाँचों में आंखों की हरकतों को रिकॉर्ड करने के लिए हाई स्पीड इंफ्रा रेड कैमरों का उपयोग किया जाता है। ये जांच डॉक्टर को संतुलन प्रणाली के विभिन्न भागों के कार्य और दिमाग में उनके संपर्क का अनुमान लगाने में मदद करते हैं।
मरीज़ का पूरा इतिहास जानने के बाद, वर्टिगो के मरीज़ को वेस्टिबुलर जांच करने की ज़रूरत होती है। इसमें VNG, कैलोरिक टेस्ट, सब्जेक्टिव विज़ुअल वर्टिकल और डायनेमिक विज़ुअल एक्यूटी जैसे जांच शामिल होते हैं। कुछ मरीज़ों को दिमाग के एमआरआई (MRI) की ज़रूरत हो सकती है। सुनने की क्षमता को मापने के लिए ऑडियोमेट्रिक जांच भी करवाना चाहिए।
वर्टिगो का ट्रीटमेंट संभव है! आपके डॉक्टर द्वारा की जाने वाली कई जाँचों से आपके वर्टिगो के कारणों की पहचान करने में मदद मिलती है। एक बार कारण की पहचान हो जाए तो दवाओं या बहाली के लिए व्यायामों के द्वारा ट्रीटमेंट की सलाह दी जाती है।
संतुलन प्रणाली में कोई भी डिसोर्डर हो जिसके कारण वर्टिगो, अस्थिरता या असंतुलन होता हो, तो वह मरीज़ की रोज़-मर्रा के काम को प्रभावित करेगा और जीवन की गुणवत्ता को कम करेगा। इससे मरीज़ के आत्मविश्वास में कमी आ सकती है और साथ ही उसमें गिरने या शरीर के हिलने-डुलने का डर भी पैदा हो सकता है। वर्टिगो का ट्रीटमेंट करने से मरीज़ को संतुलन और आत्मविश्वास को फिर से पाने में मदद मिलेगी। शरीर के हिलने-डुलने के डर से मरीज़ खुद को एक सेडेंटरी जीवन शैली तक सीमित कर सकता है और यह डिप्रेशन या उत्सुकता का कारण भी बन सकता है।
Treatment options include vestibular rehabilitation therapy, medication, canalith repositioning maneuvers and lifestyle modifications depending on the diagnosis.
डॉक्टर विशेष (संतुलन संबंधी जाँच) और उपचार प्रबंधन के लिए हमारे क्लिनिक नेटवर्क के माध्यम से पेशेंट्स को सीधे रेफर कर सकते हैं।
पेशेंट्स को अपनी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट्स, वर्तमान में चल रही दवाइयों की सूची और लक्षणों से जुड़ी कोई भी पिछली जाँच रिपोर्ट्स साथ लानी चाहिए।
क्या आपको चक्कर आना, सिरदर्द, मतली या कानों में घंटी बजने की समस्या है? इसके मूल कारण का पता लगाएँ। विशेषज्ञ से बात करें।