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पेरिलीम्फ फिस्टुला (पीएलएफ)

पेरिलीम्फ फिस्टुला (पीएलएफ), हवा से भरे मध्य कान और द्रव आंतरिक कान के बीच एक असामान्य कनेक्शन है। इसका लक्षण कान की पूर्णता, बहरापन में उतार चढ़ाव, चक्कर आना और वर्टिगो मंत्र हैं। VNG निर्देशित Valsalva test Perilymph Fistula का निदान करने में मदद करेगा।

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पेरिलीम्फ फिस्टुला (पीएलएफ) क्या है?

पेरिलीम्फ फिस्टुला (Perilymph Fistula) मध्य कान मे वायु से भरे खंड एंव आंतरिक कान मे तरल पदार्थ से भरे खंड के बीच एक असामान्य connection से बनता है। मध्य कान की पतली एंव छोटी झिल्लियों के क्षति पहुचने से यह बिमारी उत्पन्न होती है। आंतरिक कान से Perilymph बहकर मध्य कान मे गोल एवं अंडाकार खिड़कियों के माध्यम से पहुँच जाता है।

पेरिलीम्फ फिस्टुला के लक्षण

  • कान मे भारीपन (कान गूंजना)
  • सुनाई देने में कमी
  • चक्कर आना

वायुमण्डलीय दबाव बदलना, ऊचाईया, लिफ्ट, खांसी, जुकाम, झुकने या भार उठाने से इसके लक्षण बढ़ सकते है।

VNG Valsalva test Perilymph fistula को सही करने मे मदद करता है। VNG या Frenzel चश्मे के द्वारा Valsalva maneuver या siegelization करके कान के भीतरी दबाव को देखा जा सकता हैं।। Audiometry का प्रयोग सुनने में कमी का पता लगाने के लिए किया जा सकता है।

पेरिलीम्फ फिस्टुला के उपचार

किसी दुर्घटना के बाद अचानक सुनने में कमी या चक्कर (अधिक जानकारी) आना शुरू हो जाता है। जब vestibular evaluation से perilymph fistula का पता लग जाता है, तब रोगी को एक या दो सप्ताह के लिए शारीरिक कार्यों से बचने को कहा जाता है।

आमतौर पर पर्याप्त आराम करने से फटी हुई झिल्ली ठीक हो जाती है एंव PLF का बहाव रूक जाता है।
सावधानी के बावजूद लक्षण बने रहे तो ैनतहमतल की आवश्यकता हो सकती है। PLF के रोगियो को, झुकाव, तनाव, वस्तु उठाने जैसे कार्यों से बचना चाहिए।

Surgery, Local Anaesthesia के तहत की जाती है। Operation ear canal बंदंस के माध्यम से किया जाता है। Operation के दौरान ear drum को उठाया जाता है एंव अंडाकार एवं गोल खिड़की के आसपास नरम tissue graft को रखा जाता है।

डॉ अनीता भंडारी

डॉ अनीता भंडारी एक वरिष्ठ न्यूरोटॉलिजिस्ट हैं। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से ईएनटी में पोस्ट ग्रेजुएट और सिंगापुर से ओटोलॉजी एंड न्यूरोटोलॉजी में फेलो, डॉ भंडारी भारत के सर्वश्रेष्ठ वर्टिगो और कान विशेषज्ञ डॉक्टरों में से एक हैं। वह जैन ईएनटी अस्पताल, जयपुर में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में जुड़ी हुई हैं और यूनिसेफ के सहयोग से 3 साल के प्रोजेक्ट में प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर के रूप में काम करती हैं, जिसका उद्देश्य 3000 से अधिक वंचित बच्चों के साथ काम करना है। वर्टिगो और अन्य संतुलन विकारों के निदान और उपचार के लिए निर्णायक नैदानिक ​​उपकरण जयपुर में न्यूरोइक्विलिब्रियम डायग्नोस्टिक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किए गए हैं। उन्होंने वीडियो निस्टागमोग्राफी, क्रैनियोकॉर्पोग्राफी, डायनेमिक विज़ुअल एक्यूआई और सब्जेक्टिवेटिव वर्टिकल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ अनीता भंडारी ने क्रैनियोकॉर्पोग्राफी के लिए अपने एक पेटेंट का श्रेय दिया है और वर्टिगो डायग्नोस्टिक उपकरणों के लिए चार और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। वर्टिगो रोगियों का इलाज करने के लिए वर्चुअल रियलिटी का उपयोग करके अद्वितीय वेस्टिबुलर पुनर्वास चिकित्सा विकसित की है। उन्होंने वेस्टिबुलर फिजियोलॉजी, डायनेमिक विज़ुअल एक्युइटी, वर्टिगो के सर्जिकल ट्रीटमेंट और वर्टिगो में न्यूरोटोलॉजी पाठ्यपुस्तकों के लिए कठिन मामलों पर अध्यायों का लेखन किया है। उन्होंने वर्टिगो, बैलेंस डिसऑर्डर और ट्रीटमेंट पर दुनिया भर में सेमिनार और ट्रेनिंग भी की है। डॉ अनीता भंडारी एक वरिष्ठ न्यूरोटॉलिजिस्ट हैं। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से ईएनटी में पोस्ट ग्रेजुएट और सिंगापुर से ओटोलॉजी एंड न्यूरोटोलॉजी में फेलो, डॉ भंडारी भारत के सर्वश्रेष्ठ वर्टिगो और कान विशेषज्ञ डॉक्टरों में से एक हैं। वह जैन ईएनटी अस्पताल, जयपुर में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में जुड़ी हुई हैं और यूनिसेफ के सहयोग से 3 साल के प्रोजेक्ट में प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर के रूप में काम करती हैं, जिसका उद्देश्य 3000 से अधिक वंचित बच्चों के साथ काम करना है। वर्टिगो और अन्य संतुलन विकारों के निदान और उपचार के लिए निर्णायक नैदानिक ​​उपकरण जयपुर में न्यूरोइक्विलिब्रियम डायग्नोस्टिक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किए गए हैं। उन्होंने वीडियो निस्टागमोग्राफी, क्रैनियोकॉर्पोग्राफी, डायनेमिक विज़ुअल एक्यूआई और सब्जेक्टिवेटिव वर्टिकल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ अनीता भंडारी ने क्रैनियोकॉर्पोग्राफी के लिए अपने एक पेटेंट का श्रेय दिया है और वर्टिगो डायग्नोस्टिक उपकरणों के लिए चार और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। वर्टिगो रोगियों का इलाज करने के लिए वर्चुअल रियलिटी का उपयोग करके अद्वितीय वेस्टिबुलर पुनर्वास चिकित्सा विकसित की है। उन्होंने वेस्टिबुलर फिजियोलॉजी, डायनेमिक विज़ुअल एक्युइटी, वर्टिगो के सर्जिकल ट्रीटमेंट और वर्टिगो में न्यूरोटोलॉजी पाठ्यपुस्तकों के लिए कठिन मामलों पर अध्यायों का लेखन किया है। उन्होंने वर्टिगो, बैलेंस डिसऑर्डर और ट्रीटमेंट पर दुनिया भर में सेमिनार और ट्रेनिंग भी की है।

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