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Labyrinthitis

Vetibular nerve में संक्रमण के कारण Labyrinthitis होता है । यह वर्टिगो, मतली की ओर जाता है। यहां इसके लक्षण, कारणों और उपचार के बारे में सबकुछ जानें।

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Labyrinthitis क्या है?

Labyrinthitis आंतरिक कान मे संक्रमण से होता है। इस संक्रमण के परिणाम स्वरूप vestibulo cochlear nerve को नुकसान पहुँचता है जिससे सुनाई देने में कमी, चक्कर आना, और मन घबराने के संकेत उत्पन्न होते है। आंतरिक कान मे तरल पदार्थ भरा होता है। जिसे Labyrinth कहते है। Cochlea जो कि घैंघे के आकार का ढांचा होता है जो श्रवण के लिए जिम्मेदार होता है।

आंतरिक कान का Vestibular part संतुलन के लिए जिम्मेदार होता है। Utricle एंव Saccule सिर हिलने के बारे मे जानकारी देते है। कोई भी संकेत Labyrinth मस्तिष्क तक vestibulocochlear द्वारा पहुंचते है।

Vestibulocochlear आठवी Cranial nerve होती है तथा इसके दो भाग होते है, पहली Cranial nerve जो सुनने के संकेत देती है दूसरी vestibular nerve दमतअम जो संतुलन के संकेत देती है। मस्तिष्क दोनो कानो के vestibular nerve से संकेतों को जोड़कर संतुलन बनाता है। Labyrinth के संक्रमण से कान के भीतर के cochlear एंव vestibular भाग प्रभावित होता है। अतः इससे सुनने तथा एंव संतुलन की क्षमताओं मे तकलीफ आती है।

Labyrinthitis के लक्षण

  • चक्कर आना – यह घंटो से दिनो तक हो सकता हैं।
  • प्रभावित कान मे सुनाई देने में कमी
  • कान मे गंुजन (कान गूंजना)
  • अंसतुलन
  • उल्टी आना एंव जी घबराना

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Labyrinthitis पुष्टि के लिए VNG, CCG, SVV, DVA, Audiometry आदि परीक्षण किये जाते है।

Labyrinthitis के उपचार

आपका चिकित्सक चक्कर आन,े नींद की दवा, जी मचलाने की दवाई की सलाह देते हैं।
हालांकि ये दवाँए तीन दिन से अधिक के लिए नही देनी चाहिए। इलाज को प्रभावी बनाने के लिए vestibular rehab को अतिशीघ्र शुरू कर देना चाहिए।

डॉ अनीता भंडारी

डॉ अनीता भंडारी एक वरिष्ठ न्यूरोटॉलिजिस्ट हैं। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से ईएनटी में पोस्ट ग्रेजुएट और सिंगापुर से ओटोलॉजी एंड न्यूरोटोलॉजी में फेलो, डॉ भंडारी भारत के सर्वश्रेष्ठ वर्टिगो और कान विशेषज्ञ डॉक्टरों में से एक हैं। वह जैन ईएनटी अस्पताल, जयपुर में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में जुड़ी हुई हैं और यूनिसेफ के सहयोग से 3 साल के प्रोजेक्ट में प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर के रूप में काम करती हैं, जिसका उद्देश्य 3000 से अधिक वंचित बच्चों के साथ काम करना है। वर्टिगो और अन्य संतुलन विकारों के निदान और उपचार के लिए निर्णायक नैदानिक ​​उपकरण जयपुर में न्यूरोइक्विलिब्रियम डायग्नोस्टिक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किए गए हैं। उन्होंने वीडियो निस्टागमोग्राफी, क्रैनियोकॉर्पोग्राफी, डायनेमिक विज़ुअल एक्यूआई और सब्जेक्टिवेटिव वर्टिकल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ अनीता भंडारी ने क्रैनियोकॉर्पोग्राफी के लिए अपने एक पेटेंट का श्रेय दिया है और वर्टिगो डायग्नोस्टिक उपकरणों के लिए चार और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। वर्टिगो रोगियों का इलाज करने के लिए वर्चुअल रियलिटी का उपयोग करके अद्वितीय वेस्टिबुलर पुनर्वास चिकित्सा विकसित की है। उन्होंने वेस्टिबुलर फिजियोलॉजी, डायनेमिक विज़ुअल एक्युइटी, वर्टिगो के सर्जिकल ट्रीटमेंट और वर्टिगो में न्यूरोटोलॉजी पाठ्यपुस्तकों के लिए कठिन मामलों पर अध्यायों का लेखन किया है। उन्होंने वर्टिगो, बैलेंस डिसऑर्डर और ट्रीटमेंट पर दुनिया भर में सेमिनार और ट्रेनिंग भी की है। डॉ अनीता भंडारी एक वरिष्ठ न्यूरोटॉलिजिस्ट हैं। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से ईएनटी में पोस्ट ग्रेजुएट और सिंगापुर से ओटोलॉजी एंड न्यूरोटोलॉजी में फेलो, डॉ भंडारी भारत के सर्वश्रेष्ठ वर्टिगो और कान विशेषज्ञ डॉक्टरों में से एक हैं। वह जैन ईएनटी अस्पताल, जयपुर में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में जुड़ी हुई हैं और यूनिसेफ के सहयोग से 3 साल के प्रोजेक्ट में प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर के रूप में काम करती हैं, जिसका उद्देश्य 3000 से अधिक वंचित बच्चों के साथ काम करना है। वर्टिगो और अन्य संतुलन विकारों के निदान और उपचार के लिए निर्णायक नैदानिक ​​उपकरण जयपुर में न्यूरोइक्विलिब्रियम डायग्नोस्टिक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किए गए हैं। उन्होंने वीडियो निस्टागमोग्राफी, क्रैनियोकॉर्पोग्राफी, डायनेमिक विज़ुअल एक्यूआई और सब्जेक्टिवेटिव वर्टिकल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ अनीता भंडारी ने क्रैनियोकॉर्पोग्राफी के लिए अपने एक पेटेंट का श्रेय दिया है और वर्टिगो डायग्नोस्टिक उपकरणों के लिए चार और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। वर्टिगो रोगियों का इलाज करने के लिए वर्चुअल रियलिटी का उपयोग करके अद्वितीय वेस्टिबुलर पुनर्वास चिकित्सा विकसित की है। उन्होंने वेस्टिबुलर फिजियोलॉजी, डायनेमिक विज़ुअल एक्युइटी, वर्टिगो के सर्जिकल ट्रीटमेंट और वर्टिगो में न्यूरोटोलॉजी पाठ्यपुस्तकों के लिए कठिन मामलों पर अध्यायों का लेखन किया है। उन्होंने वर्टिगो, बैलेंस डिसऑर्डर और ट्रीटमेंट पर दुनिया भर में सेमिनार और ट्रेनिंग भी की है।

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