न्यूरोइक्विलिब्रियम कम्प्यूटराइज्ड डायनेमिक पोस्टुरोग्राफी (CDP) शरीर की स्थिति की नियंत्रण प्रणाली का एक उद्देश्य के साथ और कार्यात्मक इवेल्यूएशन प्रदान करता है। यह संतुलन संबंधी योजनाओं में कमियों की पहचान करता है और मरीज की खास जरूरतों के अनुसार रिहैबिलिटेशन योजना को व्यक्तिगत तरीके से तैयार करता है।
शरीर की स्थिति की नियंत्रण प्रणाली का आकलन: संतुलन की कमी की पहचान करने के लिए शरीर की स्थिति की नियंत्रण प्रणाली का मूल्यांकन करता है।
व्यक्तिगत रिहैबिलिटेशन: मरीज के व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार रिहैबिलिटेशन योजना तैयार किया जाता है।
किए जाने वाले टेस्ट
सेंसरी ऑर्गनाइजेशन टेस्ट (SOT): शरीर की स्थिति के नियंत्रण में योगदान देने वाली तीन सेंसरी प्रणालियों (सोमैटोसेंसरी, विसुअल, वेस्टिबुलर) के उपयोग में ऐब्नॉर्मालिटीज की पहचान करता है।
मोटर कंट्रोल टेस्ट (MCT): अप्रत्याशित गड़बड़ी के प्रति मोटर प्रतिक्रियाओं को मापता है और गिरने से बचाने के लिए उपयोग की जाने वाली मोटर योजनाओं की संख्या को बताता है।
अडैप्टेशन टेस्ट (ADT): सोमैटोसेंसरी इनपुट में गड़बड़ी होने पर संतुलन हासिल करने की क्षमता का आकलन, गिरने से बचने के लिए संतुलन बनाए रखने वाली योजनाओं को सिखाना।
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विशेषताएं
एडवांस्ड प्लेटफ़ॉर्म: चार लोड सेल और आगे-पीछे टो-अप और टो-डाउन मूवमेंट क्षमताओं से लैस।
डाटा मैनेजमेंट: कस्टमाइज़्ड रिपोर्ट और आसानी से देखे जाने वाले चार्ट के साथ क्लाउड पर डाटा का ऑटोमैटिक स्टोरेज।
इंटीग्रेटेड वर्चुअल रियालिटी: जांच और रिहैबिलिटेशन के अनुभव को बढ़ाता है।
रिहैबिलिटेशन मॉड्यूल: व्यापक रिहैबिलिटेशन के लिए तीन विशेष मॉड्यूल शामिल हैं।