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वेस्टिबुलर न्यूरिटिस (Vestibular Neuritis)

Vestibular Nerve के संक्रमण को Vestibular Neuritis या Vestibular Neuronitis कहते है। यह संक्रमण संतुलन बनाये रखने की क्षमता में बाधा पहुंचाता है। जब वायरस से संक्रमण होता है तो Vestibular Nerve मे सूजन आ जाती है। इसकी शुरूआत सर्दी, जुकाम एंव गले मे खराश से हो सकती है।

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वेस्टिबुलर न्यूरिटिस क्या है?

Vestibular Nerve के संक्रमण को Vestibular Neuritis या Vestibular Neuronitis कहते है। यह संक्रमण संतुलन बनाये रखने की क्षमता में बाधा पहुंचाता है। जब वायरस से संक्रमण होता है तो Vestibular Nerve मे सूजन आ जाती है। इसकी शुरूआत सर्दी, जुकाम एंव गले मे खराश से हो सकती है।

वेस्टिबुलर न्यूरिटिस के लक्षण

  • चक्कर आना (और अधिक जानकारी प्राप्त करें)
  • सिर हिलाने के दौरान – उल्टी आना अथवा जी घबराना

Labyrinthitis एंव Vestibular Neuritis कई पहलुओ मे समान है। Vestibular Neuritis मे कान के Vestibular भाग मे सूजन आती है जिससे balance प्रभावित होता है, जबकि Labyrinthitis मे Vestibular Nerve के दोनो भाग प्रभावित होते है, जिससे सुनने एंव balance दोनो पर प्रभाव पड़ता है।

शुरूआती 1-2 दिनो मे चक्कर एंव जी घबराने के लक्षण अधिक तीव्र होते है। रोगी अक्सर तीन सप्ताह के बाद स्वस्थ/सामान्य हो जाते है। परंतु कुछ रोगियो मे कुछ तेज गति से सिर हिलाने पर अंसतुलन और उल्टी आने के लक्षण महीनो तक प्रभावी रहते है।

वेस्टिबुलर न्यूरिटिस की जांचे

VNG द्वारा spontaneous nystagmus की जांच की जाती है। यह Nystagnus optic fixation करने पर कम हो जाता है जाॅंच मे vestibulocular video head impulse test shows a deficit in the vestibulocular reflex on the affected.

VEMP से यह तय करने मे मदद मिलती है कि superior अथवा inferior मे से कौनसी Vestibular Nerve प्रभावित हुई है। SVV परीक्षण मे प्रभावित क्षेत्र मे 10 डिग्री या उससे अधिक का झुकाव दिखाई पड़ता है। CCG के Unterberger Test मे प्रभावित क्षेत्र की तरह दिखाई पड़ता है। इस बीमारी मे DVA में भी कमी पाई जाती है। Audiogram and impedance मापन यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि Cocnlear एंव Middle सभी प्रकार से सही है।

समय गुजरने के साथ Vestibular लक्षण कम होने लगते है। चक्कर एंव जी घबराने जैसे लक्षण भी कम होने लगते है। परंतु रोगी कई दिनो तक अंसतुलन महसूस कर सकता है।

(MRI करवाना तब आवश्यक हो जाता है जब चक्कर आने के साथ बातचीत मे तकलीफ हो या फिर मांसपशियों मे कमजोरी महसूस हो।)

उपचार-इसका उपचार दो भागो मे करा जाता है। लक्षणों के अनुसार उपचार अतिशीघ्र Vestibular Rehabilitation द्वारा शुरू करना चाहिए ।

वेस्टिबुलर न्यूरिटिस के उपचार

जी घबराने एंव उल्टी को रोकने के लिए डाॅक्टर द्वारा oral दवाओ की सलाह दी जाती है। जिन रोगियो मे Dehydration की शिकायत होती है उन्हे IV fluids पे रखा जाता है। Vestibular Suppressant दवाँए vertigo एंव dizziness को नियंत्रित करती है। इन दवाओं को तीन दिन से अधिक नही लेना चाहिए क्योकि इनसे बिमारी के लक्षण रह सकते है। Steroid का उपयोग पहले 5 दिन मे किया जा सकता है।

डॉ अनीता भंडारी

डॉ अनीता भंडारी एक वरिष्ठ न्यूरोटॉलिजिस्ट हैं। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से ईएनटी में पोस्ट ग्रेजुएट और सिंगापुर से ओटोलॉजी एंड न्यूरोटोलॉजी में फेलो, डॉ भंडारी भारत के सर्वश्रेष्ठ वर्टिगो और कान विशेषज्ञ डॉक्टरों में से एक हैं। वह जैन ईएनटी अस्पताल, जयपुर में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में जुड़ी हुई हैं और यूनिसेफ के सहयोग से 3 साल के प्रोजेक्ट में प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर के रूप में काम करती हैं, जिसका उद्देश्य 3000 से अधिक वंचित बच्चों के साथ काम करना है। वर्टिगो और अन्य संतुलन विकारों के निदान और उपचार के लिए निर्णायक नैदानिक ​​उपकरण जयपुर में न्यूरोइक्विलिब्रियम डायग्नोस्टिक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किए गए हैं। उन्होंने वीडियो निस्टागमोग्राफी, क्रैनियोकॉर्पोग्राफी, डायनेमिक विज़ुअल एक्यूआई और सब्जेक्टिवेटिव वर्टिकल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ अनीता भंडारी ने क्रैनियोकॉर्पोग्राफी के लिए अपने एक पेटेंट का श्रेय दिया है और वर्टिगो डायग्नोस्टिक उपकरणों के लिए चार और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। वर्टिगो रोगियों का इलाज करने के लिए वर्चुअल रियलिटी का उपयोग करके अद्वितीय वेस्टिबुलर पुनर्वास चिकित्सा विकसित की है। उन्होंने वेस्टिबुलर फिजियोलॉजी, डायनेमिक विज़ुअल एक्युइटी, वर्टिगो के सर्जिकल ट्रीटमेंट और वर्टिगो में न्यूरोटोलॉजी पाठ्यपुस्तकों के लिए कठिन मामलों पर अध्यायों का लेखन किया है। उन्होंने वर्टिगो, बैलेंस डिसऑर्डर और ट्रीटमेंट पर दुनिया भर में सेमिनार और ट्रेनिंग भी की है। डॉ अनीता भंडारी एक वरिष्ठ न्यूरोटॉलिजिस्ट हैं। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से ईएनटी में पोस्ट ग्रेजुएट और सिंगापुर से ओटोलॉजी एंड न्यूरोटोलॉजी में फेलो, डॉ भंडारी भारत के सर्वश्रेष्ठ वर्टिगो और कान विशेषज्ञ डॉक्टरों में से एक हैं। वह जैन ईएनटी अस्पताल, जयपुर में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में जुड़ी हुई हैं और यूनिसेफ के सहयोग से 3 साल के प्रोजेक्ट में प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर के रूप में काम करती हैं, जिसका उद्देश्य 3000 से अधिक वंचित बच्चों के साथ काम करना है। वर्टिगो और अन्य संतुलन विकारों के निदान और उपचार के लिए निर्णायक नैदानिक ​​उपकरण जयपुर में न्यूरोइक्विलिब्रियम डायग्नोस्टिक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किए गए हैं। उन्होंने वीडियो निस्टागमोग्राफी, क्रैनियोकॉर्पोग्राफी, डायनेमिक विज़ुअल एक्यूआई और सब्जेक्टिवेटिव वर्टिकल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ अनीता भंडारी ने क्रैनियोकॉर्पोग्राफी के लिए अपने एक पेटेंट का श्रेय दिया है और वर्टिगो डायग्नोस्टिक उपकरणों के लिए चार और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। वर्टिगो रोगियों का इलाज करने के लिए वर्चुअल रियलिटी का उपयोग करके अद्वितीय वेस्टिबुलर पुनर्वास चिकित्सा विकसित की है। उन्होंने वेस्टिबुलर फिजियोलॉजी, डायनेमिक विज़ुअल एक्युइटी, वर्टिगो के सर्जिकल ट्रीटमेंट और वर्टिगो में न्यूरोटोलॉजी पाठ्यपुस्तकों के लिए कठिन मामलों पर अध्यायों का लेखन किया है। उन्होंने वर्टिगो, बैलेंस डिसऑर्डर और ट्रीटमेंट पर दुनिया भर में सेमिनार और ट्रेनिंग भी की है।

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