वर्टिगो प्रोफाइल टेस्ट

ओवरव्यू

 वर्टिगो अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। एक बार जब वर्टिगो के कारण का डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट हो जाता है, तो व्यक्ति दोबारा संतुलन प्राप्त कर सकता है और स्वस्थ जीवन में वापस आ सकता है। वर्टिगो का डायग्नोसिस करने और इसके कारण का पता लगाकर इसका ट्रीटमेंट करने के लिए कई तरह के टेस्ट होते हैं।

 इसके डायग्नोसिस में किसी भी आँखों की कोई भी ऐब्नॉर्मल मूवमेंट की जांच करना और यह पुष्टि करना शामिल है कि वस्तुओं को फॉलो करने की क्षमता नॉर्मल है। यह मरीज की इच्छा के बिना आँखों की मूवमेंट (निस्टागमस) का भी ईवैल्यूऐशन करता है। सिर की मन्यूवर के कारण होने वाली बहुत तेज आँखों की मूवमेंट से यह पता चल सकता है कि समस्या किस कान में है।

न्यूरोइक्विलिब्रियम भारत में वर्टिगो और उसके कारण का सही डायग्नोसिस करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने में लीडर है। भारत भर में एडवांस्ड वर्टिगो और बैलेंस क्लीनिक एक इन्नोवेटिव ईवैल्यूऐशन प्लेटफॉर्म पर रियल टाइम में सिर घूमने के सिमटम और गंभीरता का ईवैल्यूऐशन करने के लिए सिर घूमने की समस्या को डायग्नोस करने के लिए अल्ट्रा-मॉडर्न डिफ़ेरेन्शियल डिवाइस का उपयोग करते हैं।

A blue medical bag held by a hand, showcasing its practical design and readiness for use in healthcare

इसके बाद कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट दिया जाएगा

Blue icon depicting two people seated at a table, symbolizing collaboration or discussion

1 लाख मरीजों का ट्रीटमेंट हो चुका है

जगह

टेस्ट आपके नजदीकी न्यूरोइक्विलिब्रियम पार्टनर क्लिनिक में किया जाएगा।

समय
~2 घंटे

ट्रांसपोर्ट
टेस्ट के बाद कुछ घंटों तक गाड़ी न चलाने की सलाह दी जाती है।

मेडिकल रिपोर्ट
पिछली मेडिकल रिपोर्ट, और दवा के प्रिस्क्रीप्शन और दूसरी जरूरी डॉक्यूमेंट साथ लाएं।

किए जाने वाले टेस्ट

वीडियोनिस्टाग्मोग्राफी (VNG)

सब्जेक्टिव विज़ुअल वर्टिकल (SVV)

डायनेमिक विसुअल एक्यूटी (DVA)

क्रेनीओकॉर्पोग्राफी (CCG)

रोटरी चेयर

वीडियो हेड इंपल्स टेस्ट (vHIT)

कम्प्यूटराइज्ड स्टेबिलोमेट्री (पोस्टुरोग्राफी)

कम्प्यूटराइज्ड डायनेमिक पोस्टुरोग्राफी (CDP)

वर्चुअल रियालिटी आधारित वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन

वेस्टिबुलर इवोक्ड मायोजेनिक पोटेंशियल (cVEMP)

BPPV मैन्युवर गाइडेंस सिस्टम

वेस्टिबुलर असेसमेंट प्लेटफ़ॉर्म

हमारे पेशेंट्स का कहना है

डॉक्टरों की राय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आप वर्टिगो की जाँच कैसे करते है?

वर्टिगो की जाँच विस्तृत चिकित्सीय मूल्यांकन के माध्यम से की जाती है, जिसमें लक्षणों की समीक्षा, चिकित्सीय इतिहास तथा शारीरिक संतुलन टेस्ट शामिल होते हैं। डॉक्टर अक्सर आँखों की गति की जाँच, सिर की स्थिति बदलने वाले टेस्ट (जैसे डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट), श्रवण (सुनने) की जाँच तथा आवश्यकता होने पर इमेजिंग टेस्ट भी करते हैं। न्यूरोइक्विलिब्रियम जैसे विशेषीकृत संतुलन केंद्र आधुनिक वेस्टिब्युलर परीक्षणों का उपयोग करके सही कारण का पता लगाते हैं और उसके अनुसार सही इलाज की राय देते हैं। 

घर पर वर्टिगो की औपचारिक जाँच नहीं की जा सकती, लेकिन कुछ विशेष गतिविधियाँ इसके लक्षणों की पहचान करने में सहायता कर सकती हैं। यदि वर्टिगो मौजूद है, तो सिर को तेज़ी से घुमाने, लेटने या बिस्तर पर करवट बदलने से घूमने जैसा एहसास हो सकता है। यदि सिर की कुछ विशेष स्थितियों में चक्कर आने के साथ मतली या असंतुलन महसूस हो, तो यह वर्टिगो का संकेत हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जाँच आवश्यक है। 

अगर आपको स्थिर रहने पर भी घूमने या हिलने-डुलने का झूठा एहसास होता है, तो आपको वर्टिगो हो सकता है। यह एहसास अक्सर सिर हिलाने से शुरू होता है और इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी आना, शरीर का संतुलन बिगड़ना या आँखों से ठीक से फोकस न कर पाना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। सामान्य चक्कर आने की तुलना में वर्टिगो में घूमने जैसा अनुभव होता है, जिससे स्थिर होकर खड़े रहना या चलना कठिन महसूस हो सकता है।

, कभी-कभी वर्टिगो के कारण दस्त हो सकते हैं, हालाँकि ऐसा कम देखने को मिलता है। कान का अंदरूनी हिस्सा उस नर्वस सिस्टम से गहराई से जुड़ा होता है जो जी मिचलाने और पाचन को कंट्रोल करता है। वर्टिगो के तीव्र दौरे के दौरान यह संबंध आँतों को अत्यधिक उत्तेजित कर सकता है, जिससेbमतली, उल्टी, पेट में असुविधा या पतले दस्त जैसे लक्षण हो सकते हैंखासकर उन लोगों में जिन्हें गति-संबंधी लक्षणों के प्रति संवेदनशीलता होती है। 

वर्टिगो के गंभीर चेतावनी संकेतों में अचानक अत्यधिक चक्कर आना, शरीर में कमजोरी, अस्पष्ट बोलना, दोहरा दिखाई देना, सुन्नपन, सीने में दर्द या बेहोशी शामिल हैं। यदि लगातार वर्टिगो के साथ सिरदर्द बढ़ता जाए, सुनने की क्षमता कम हो जाए या चलने में कठिनाई हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। ऐसे मामलों में न्यूरोइक्विलिब्रियम जैसे विशेषीकृत केंद्र में शीघ्र जाँच कराने से गंभीर तंत्रिका संबंधी या आंतरिक कान की समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है। 

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बार बार चक्कर आते हैं? ‘वर्टिगो प्रोफ़ाइल टेस्ट’ से असली वजह का पता चल सकता है। अपने नजदीकी केंद्र पर आज ही अपना अपॉइंटमेंट बुक करें।

मैं चाहता/चाहती हूँ कि NeuroEquilibrium मुझसे वर्टिगो से संबंधित जानकारी और ऑफ़र साझा करने के लिए संपर्क करे।