स्टेमेटिल

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स्टेमेटिल के बारे में 

स्टेमेटिल प्रोक्लोरपेरजाइन मैलेट के लोकप्रिय ब्रांडों में से एक है, जो कई नामों से मिलता है, जैसे बुक्केस्टेम, वोलिमिन, एमेटिल, प्रोक्लोरपेरजाइन, प्रोक्लोजिन, बुकाटेल, नौसेटिल, एंटिनॉस, नोवामिन, एक्यूवर्ट, वोमेटिल, वेरगॉन, आदि।

क्या स्टेमेटिल बीमारी को ठीक करता है या सिर्फ सिमटम्स को कंट्रोल करता है?

स्टेमेटिल वर्टिगो या बैलेंस डिसॉर्डर को जड़ से ठीक नहीं करता। यह एक सिमटम-कंट्रोल करने वाली दवा है, जो चक्कर, मतली, उल्टी और मोशन सेंसिटिविटी को अस्थायी रूप से कम करती है।

यह दवा दिमाग में कुछ सिग्नल्स को दबाकर राहत देती है, लेकिन यह इन बीमारियों का स्थायी इलाज नहीं है:

  • BPPV (कान के अंदर क्रिस्टल खिसकना)
  • वेस्टिबुलर न्यूराइटिस
  • मेनियर रोग
  • वेस्टिबुलर माइग्रेन

लंबे समय तक राहत के लिए सही डायग्नोसिस और टार्गेटेड ट्रीटमेंट जैसे वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन थैरेपी (VRT) ज़रूरी होते हैं।

स्टेमेटिल के उपयोग

स्टेमेटिल या प्रोक्लोरपेरज़िन दवाओं का उपयोग मुख्य रूप से नीचे दिये गये कन्डीशंस के ट्रीटमेंट के लिए किया जाता है:

  • सिर घूमना
  • वर्टिगो
  • असंतुलन से जुड़ी दूसरी समस्याएं
  • मतली
  • उल्टी
  • बहुत ज़्यादा चिंता
  • डिप्रेशन
  • सिज़ोफ्रेनिया
  • बेचैनी
  • माइग्रेन के सिरदर्द के कारण होने वाली बेचैनी
  • लेबिरिंथाइटिस और मेनियर रोग के सिमटम
  • कीमोथेरेपी के बाद मतली
  • मोशन सिकनेस

यह दवा वेस्टिबुलर डिसॉर्डर्स जैसे कि वर्टिगो, चक्कर आना, मतली, उल्टी और समय व स्थान को लेकर भ्रम जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करती है।

फॉर्म

स्टेमेटिल टैबलेट, सिरप, मुंह में घुलने वाली टैबलेट, इंजेक्शन और सपोसिटरी में मिलती है।

स्ट्रेंग्थ

इस दवा की स्ट्रेंग्थ आमतौर पर 5mg होती है, हालांकि यह 12.5mg और 25mg में भी मिलती है, जिसमें एम्प्यूल और सपोसिटरी शामिल हैं।

डॉक्टर वर्टिगो में स्टेमेटिल क्यों देते हैं

डॉक्टर स्टेमेटिल मुख्य रूप से इन कारणों से देते हैं:

  • तेज़ चक्कर के दौरान मतली और उल्टी को कंट्रोल करने के लिए
  • मरीज को खाना-पीना और चलना संभव बनाने के लिए
  • वर्टिगो अटैक के शुरुआती चरण में राहत देने के लिए

यह दवा अक्सर शॉर्ट-टर्म सपोर्ट के रूप में दी जाती है ताकि आगे की जांच और सही ट्रीटमेंट किया जा सके।

ऐसी कन्डीशंस जहाँ स्टेमेटिल से बचा जा सकता है

नीचे दी गई कन्डीशंस में स्टेमेटिल से बचना चाहिए या सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए:

  • सांस से जुड़ी समस्याएँ
  • थायरॉयड डिसॉर्डर
  • लिवर, किडनी या प्रोस्टेट डिसॉर्डर
  • कोई भी दिल से जुड़ी कंडीशन
  • प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग
  • एड्रेनल ग्लैन्ड पर ट्यूमर या ट्यूमर का जोखिम
  • दवाओं से गंभीर एलर्जी रिएक्शन
  • पीलिया
  • खून में इन्फेक्शन या डिसॉर्डर
  • मिर्गी
  • ग्लूकोमा
  • पार्किंसंस रोग
  • मांसपेशियों में कमज़ोरी
  • खून के थक्के जमने से जुड़ा डिसॉर्डर

किन लोगों को स्टेमेटिल लेते समय ज़्यादा सावधानी रखनी चाहिए

  • बुज़ुर्ग मरीज (सुस्ती और गिरने का खतरा)
  • पार्किंसंस या कंपन से पीड़ित लोग
  • लिवर या किडनी की बीमारी वाले मरीज
  • पहले से नींद की दवाएं लेने वाले लोग

इन मामलों में डॉक्टर कम डोज़ या वैकल्पिक ट्रीटमेंट चुन सकते हैं।

स्टेमेटिल को कैसे लेना है या डोज़

प्रोक्लोरपेरजाइन आमतौर पर दिन में दो या तीन बार लिया जाता है, या डॉक्टर द्वारा बताए अनुसार।

वेस्टिबुलर डिसॉर्डर्स में:

  • कम डोज़
  • शॉर्ट-टर्म उपयोग

दवा के साथ-साथ वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन थैरेपी की भी सलाह दी जा सकती है।

शराब से बचना चाहिए क्योंकि इससे सुस्ती बढ़ सकती है।

स्टेमेटिल कितने समय तक सुरक्षित रूप से ली जा सकती है?

  • आमतौर पर 3–7 दिन
  • लंबे समय तक लेने से साइड इफेक्ट बढ़ सकते हैं
  • बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक उपयोग नहीं करना चाहिए

अगर चक्कर बना रहे, तो दवा बढ़ाने के बजाय जांच करानी ज़रूरी है।

स्टेमेटिल के साइड इफ़ेक्ट

प्रोक्लोरपेरज़ाइन के साइड इफ़ेक्ट में शामिल हैं:

  • धूप के प्रति संवेदनशीलता
  • ब्लड शुगर में बदलाव
  • सुस्ती, धुंधला दिखना
  • सिरदर्द
  • मुँह सूखना
  • मांसपेशियों में अनियंत्रित मूवमेंट
  • शरीर का तापमान बिगड़ना

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान यह दवा आमतौर पर नहीं दी जाती।

दूसरी दवाइयों के साथ असर

इन दवाओं के साथ स्टेमेटिल से बचें:

  • ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट
  • नींद की गोलियाँ
  • एंटीहिस्टामाइन
  • ओपिओइड पेनकिलर
  • बेंजोडायजेपाइन
  • बार्बिटुरेट्स

Storage and Precaution

Store the medicine in a cold and dry place, away from direct heat and moisture.
Never overdose.
Keep away from children.

स्टेमेटिल कैसे काम करता है

प्रोक्लोरपेरजाइन दिमाग में डोपामाइन (D2) रिसेप्टर्स को ब्लॉक करता है, जिससे मतली और उल्टी के सिग्नल दब जाते हैं। यह अत्यधिक चिंता और बेचैनी को भी कम करता है।

अगर स्टेमेटिल के बाद भी वर्टिगो बना रहे तो क्या करें?

अगर स्टेमेटिल बंद करने के बाद भी चक्कर बना रहता है, तो इसका मतलब हो सकता है कि:

  • असली कारण का इलाज नहीं हुआ है

आगे की जांच में शामिल हो सकता है:

  • वेस्टिबुलर टेस्ट
  • सुनने की जांच
  • BPPV की जांच
  • VRT

मरीजों के लिए मुख्य संदेश

स्टेमेटिल शॉर्ट-टर्म राहत के लिए उपयोगी है, लेकिन यह स्थायी इलाज नहीं है। सही डायग्नोसिस और टार्गेटेड ट्रीटमेंट से ही वर्टिगो पूरी तरह कंट्रोल हो सकता है।

डिसक्लेमर

सभी उत्पाद और कंपनी के नाम उनके संबंधित धारकों के ट्रेडमार्क या रेजिस्टर्ड ट्रेडमार्क हैं। यहाँ दी गई जानकारी केवल संदर्भ के लिए है और यह प्रोफेशनल मेडिकल अड्वाइस, डायग्नोसिस या ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं है। कोई भी नई दवा शुरू करने से पहले हमेशा एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल से परामर्श करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

स्टेमेटिल MD का उपयोग किस लिए किया जाता है?

स्टेमेटिल MD (प्रोक्लोरपेराज़ीन) का उपयोग मुख्य रूप से मतली और उल्टी के इलाज के लिए किया जाता है, जो माइग्रेन, बीमारी या दवाओं जैसे विभिन्न कारणों से हो सकती है। इसे इनर ईयर से जुड़े वर्टिगो और चक्कर की समस्या में भी आमतौर पर दिया जाता है। यह दिमाग में डोपामिन सिग्नल्स को ब्लॉक करके काम करता है, जो इन लक्षणों को ट्रिगर करते हैं।

छ क्षेत्रों में स्टेमेटिल के कुछ ब्रांड्स या रूपों को मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई या व्यावसायिक कारणों से बंद किया गया है, न कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण। कई मामलों में इसकी जगह दूसरी वैकल्पिक दवाएं उपलब्ध हैं।

स्टेमेटिल MD 5 mg आमतौर पर कई देशों में केवल प्रिस्क्रिप्शन पर मिलने वाली दवा है। हालांकि, कुछ स्थानों पर स्थानीय फार्मेसी नियमों के आधार पर, मतली के त्वरित उपचार के लिए सीमित मात्रा में कम खुराक वाली दवाएं बिना प्रिस्क्रिप्शन के उपलब्ध हो सकती हैं।

स्टेमेटिल नींद की गोली नहीं है, लेकिन दिमाग पर इसके प्रभाव के कारण इससे सुस्ती हो सकती है, जिससे कुछ लोगों को इसे लेने के बाद नींद महसूस हो सकती है।

यदि आपको पार्किंसन डिजीज, मिर्गी, गंभीर लिवर समस्या, प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या या प्रोक्लोरपेराज़ीन से एलर्जी है, तो आपको स्टेमेटिल लेने से बचना चाहिए या सावधानी के साथ लेना चाहिए। यदि आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या ऐसी अन्य दवाएं ले रहे हैं जो नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती हैं, तो इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 

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