न्यूरोइक्विलिब्रियम कम्प्यूटराइज्ड स्टेबिलोमेट्री, जिसे पोस्टुरोग्राफी के रूप में भी जाना जाता है एक एडवांस्ड टूल है जिसे शरीर की स्थिति के नियंत्रण को ईवैल्यूऐट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह अपने स्थिर-स्थिति व्यवहार में शरीर की स्थिति के कंट्रोल सिस्टम का एक उद्देश्ययुक्त और कार्यात्मक आकलन प्रदान करता है, जिससे यह वेस्टिबुलर रीहैबलिटेशन के परिणामों की योजना बनाने और मापने के लिए एक बहुत जरूरी टूल है।
शरीर की स्थिति का नियंत्रण: अलग अलग तरह से शरीर को हिलाने और स्थिति के दौरान संतुलन और स्थिरता बनाए रखने के लिए शरीर की क्षमता को ईवैल्यूऐट करता है।
रीहैबलिटेशन माप: प्रभावी रूप से वेस्टिबुलर रीहैबलिटेशन के परिणामों को मापता है।
शामिल जांच
संतुलन के सेंसरी इंटरैक्शन मोडिफ़ाई किया गया डयागनोस्टिक टेस्ट (MCTSIB): अलग-अलग सेंसरी स्थितियों के तहत शरीर की स्थिति के नियंत्रण का आकलन करता है।
स्थिरता की सीमाएं (LOS): उस अधिकतम दूरी का आकलन करता है जो एक व्यक्ति संतुलन खोए बिना किसी भी दिशा में झुक सकता है।
रिथमिक वेट शिफ्ट (RWS): स्थिरता खोए बिना लयबद्ध तरीके से वजन को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने की क्षमता को मापता है।
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न्यूरोइक्विलिब्रियम कम्प्यूटराइज्ड स्टेबिलोमेट्री, संतुलन डिसॉर्डर्स के लिए प्रभावी डयाग्नोसिस और ट्रीटमेंट योजना में सहायता करते हुए, शरीर की स्थिति के नियंत्रण के आकलन और सुधार के लिए एक व्यापक और विश्वसनीय तरीका प्रदान करता है।