वर्टिगो क्या होता है?

चक्कर आने का अर्थ

वर्टिगो शब्द लैटिन फ्रेज़ ‘वर्टो’ से लिया गया है, जिसका मतलब है, “घूमना।” वर्टिगो गति, चक्कर आना या असंतुलन की भावना का एक गलत एहसास है। पीड़ित व्यक्ति अक्सर इसे सिर घूमना, असंतुलन, हल्का सिरदर्द या हिंदी में “चक्कर आना” कहते हैं। अक्सर, असंतुलन मतली, उल्टी, चलती हुई चीजों पर फोकस करने में परेशानी, सिरदर्द, सुनाई देने में बदलाव या कानों में घंटी बजना और चलते समय फोकस करने में परेशानी या अस्थिरता से जुड़ा होता है। जब आप अपना सिर हिलाते हैं तो यह और भी खराब हो सकता है। इनके सिमटम आते-जाते रहते हैं और कुछ सेकंड से लेकर मिनटों, घंटों या दिनों तक भी रह सकते हैं।

क्या आप जानते हैं?

15% लोगों को सिर घूमने और संतुलन से जुड़े डिसॉर्डर होते हैं। वर्टिगो कोई बीमारी नहीं है; यह केवल एक सिमटम है। इसलिए, सिमटम को दबाना इसका समाधान नहीं है।

A girl suffering from headache

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वर्टिगो/सिर घूमने के कारणों का सही डायग्नोसिस तभी हो सकता है जब डॉक्टर सिस्टमैटिक ईवैल्यूऐशन करें। न्यूरो-ऑटोलॉजिकल (कान और दिमाग) के जांच से ही यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि वर्टिगो का मरीज़ BPPV, मेनियर रोग, वेस्टिबुलर न्यूरिटिस, लेबिरिंथाइटिस, अकूस्टिक न्यूरोमा, ओटोलिथ डिसफंक्शन, वेस्टिबुलर माइग्रेन, सेंट्रल वेस्टिबुलोपैथी या साइकोजेनिक डिसॉर्डर जैसे डिसॉर्डर्स से पीड़ित है या नहीं।

वर्टिगो के विभिन्न डिसॉर्डर्स के अलग-अलग सिमटम होते हैं और उनके लिए अलग-अलग ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल की जरूरत होती है। सही डायग्नोसिस से डॉक्टर को वर्टिगो का सही ट्रीटमेंट देने में मदद मिलेगी, जो मरीज को पर्मानेंट रीलीफ देने का एकमात्र तरीका है।

वर्टिगो/सिर घूमने के सिमटम (चक्कर आने के सिमटम और संकेत)

जिन लोगों को वर्टिगो के दौरे लगातार या रुक-रुक कर होते हैं, वे आमतौर पर अपने सिमटम का वर्णन इस प्रकार करते हैं:

A vector image of man suffering from vertigo

चक्कर आना

A vector image of man suffering from back pain

सिर घूमना

Illustration of a man wearing a blindfold, symbolizing blindness or lack of sight

सिरदर्द

A vector image of man suffering from dizziness

असंतुलन

A women suffering from headache

गिरना

a man suffering from headache

झूमना

वर्टिगो के कारण

A man suffering from dizziness

मेनियर रोग

 यह अंदर के कान का एक डिसॉर्डर है, जिसमें सुनने की क्षमता में कमी और एक कान में भरापन, टिनिटस और वर्टिगो शामिल है। मेनियर रोग अंदर के कान के फ्लूइड के बढ़ते दबाव के कारण होता है। यदि समय पर इसका ट्रीटमेंट नहीं किया जाता है, तो यह धीरे-धीरे सुनने की क्षमता में कमी ला सकता है।

वेस्टिबुलर न्यूरिटिस

 वेस्टिबुलर न्यूरिटिस एक वायरल इन्फेक्शन के कारण होता है जो वेस्टिबुलर नस की सूजन का कारण बनता है। यह संतुलन के कार्य में गड़बड़ी पैदा करता है और सिर घूमने का कारण बनता है। इस सिमटम के साथ धुंधला दिखाई देना, मतली, उल्टी और सिर हिलाने के दौरान फोकस करने में परेशानी होती है। शुरू में ही दी गई वेस्टिबुलर रीहैबिलिटेशन मरीज को जल्दी से ठीक होने में मदद करता है।

वर्टिगो और असंतुलन का एक्यूरेट टेस्ट

 वर्टिगो और उसके कारण का डायग्नोसिस करने के लिए कई टेस्ट हैं।
न्यूरोइक्विलिब्रियम शरीर के अंदर मौजूद कारण की पहचान करने के लिए एक्यूरेट वर्टिगो टेस्ट करने के लिए कटिंग-एज तकनीक का उपयोग करने में लीडर है। दुनिया भर में एडवांस्ड वर्टिगो और बैलेंस क्लीनिक रियल-टाइम में सिमटम और सिर घूमने की गंभीरता का ईवैल्यूऐशन करने के लिए सिर घूमने की जांच के लिए अल्ट्रा-मॉडर्न डिफ़ेरेनशियल डायग्नोसिस टूल्स का उपयोग करते हैं।

Healthcare professional performing a diagnostic maneuver on a patient to assess for BPPV (Benign Paroxysmal Positional Vertigo)."

मरीज में संतुलन डिसॉर्डर के कारण की पहचान करने के लिए वीडियोनिस्टाग्मोग्राफी (VNG), क्रेनियोकॉर्पोग्राफी (CCG), सब्जेक्टिव विजुअल वर्टिकल (SVV), कम्प्यूटर द्वारा डायनेमिक विजुअल एक्यूटी (DVA) और VEMP जैसे डायग्नोस्टिक डिवाइस के द्वारा टेस्ट किए जाते हैं।

वर्टिगो और सिर घूमने का ट्रीटमेंट

 ज्यादातर लोग यह नहीं मानते कि उनके असंतुलन की कंडीशन को ठीक किया जा सकता है। लेकिन सौभाग्य से, वर्टिगो का इलाज हो सकता है। जल्द से जल्द स्वस्थ जीवन में लौटने के लिए समय पर वर्टिगो का ट्रीटमेंट करवाना ज़रूरी है।

Vertigo is only a symptom. Diagnosis of the underlying cause using various diagnostic tests like VNG etc. is essential for correct treatment.

वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन (वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन क्या है?)

 वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन एक्सरसाइज़ और कैनालिथ रिपोजिशनिंग मन्युवर सही वेस्टिबुलर समस्याओं के लिए बताये जाते हैं। वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन एक्सरसाइज़ संतुलन हासिल करने, देखने में गड़बड़ी को नॉर्मल करने और थोड़े समय में सिर घूमने की शिकायत को कम करने में बहुत उपयोगी हैं। कैनालिथ रिपोजिशनिंग मन्युवर BPPV से परेशान मरीजों के लिए किया जाता है। BPPV के टाइप और साइड का डायग्नोसिस किया जाता है, और फिर सिफारिश की गई रिपोजिशनिंग मन्युवर जैसे कि इप्ले मन्युवर, सेमोंट मन्युवर, बारबेक्यू मन्युवर आदि का उपयोग किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वर्टिगो (चक्कर आना) क्या है?

वर्टिगो का मतलब है चक्कर आना या शरीर का असंतुलन। मरीज़ इसे अलग-अलग तरह से बता सकते हैं जैसे चक्कर आना, सिर घूमना, संतुलन बिगड़ना, मरीज़ ऐसा महसूस करता है की वह घूम रहा है या उन्हें ऐसा लगता है की वे गिर सकते हैं। वर्टिगो, बहुत तेज़ दौरे या बार-बार आने वाले दौरे के रूप में हो सकता है।

वर्टिगो, संतुलन प्रणाली के कई प्रकार के डिसोर्डर के कारण हो सकता है। ज़्यादातर यह मरीज़ के अंदर के कान की समस्याओं के कारण होता है। यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र), शरीर की प्रणालियों में गड़बड़ी जैसे ठीक से नियंत्रित न किया गया रक्तचाप (BP) या मनोवैज्ञानिक डिसोर्डर के कारण भी हो सकता है। सामान्य कारणों में बेनाइन पेरॉक्सिस्मल पोजिशनल वर्टिगो (BPPV), मेनिएर्स रोग, वेस्टिबुलर माइग्रेन, लेबिरिंथाइटिस, वेस्टिबुलर न्यूरिटिस, सिर पर चोट,  दिल का दौरा आदि जैसे डिसोर्डर शामिल हैं।

वर्टिगो का ट्रीटमेंट संभव है! आपके डॉक्टर द्वारा की जाने वाली कई जाँचों से आपके वर्टिगो के कारणों की पहचान करने में मदद मिलती है। एक बार कारण की पहचान हो जाए तो दवाओं या बहाली के लिए व्यायामों के द्वारा ट्रीटमेंट की सलाह दी जाती है।

संतुलन प्रणाली में कोई भी डिसोर्डर हो जिसके कारण वर्टिगो, अस्थिरता या असंतुलन होता हो, तो वह मरीज़ की रोज़-मर्रा के काम को प्रभावित करेगा और जीवन की गुणवत्ता को कम करेगा। इससे मरीज़ के आत्मविश्वास में कमी आ सकती है और साथ ही उसमें गिरने या शरीर के हिलने-डुलने का डर भी पैदा हो सकता है। वर्टिगो का ट्रीटमेंट करने से मरीज़ को संतुलन और आत्मविश्वास को फिर से पाने में मदद मिलेगी। शरीर के हिलने-डुलने के डर से मरीज़ खुद को एक सेडेंटरी जीवन शैली तक सीमित कर सकता है और यह डिप्रेशन या उत्सुकता का कारण भी बन सकता है।

वर्टिगो का ट्रीटमेंट संभव है! आपके वर्टिगो के कारण की पहचान करने से डॉक्टर को यह निर्णय लेने में मदद मिलेगी कि आपको अपनी समस्या को नियंत्रित करने के लिए दवाओं की आवश्यकता है या व्यायाम की।

मरीज़ का पूरा इतिहास जानने के बाद, वर्टिगो के मरीज़ को वेस्टिबुलर जांच करने की ज़रूरत होती है। इसमें VNG, कैलोरिक टेस्ट, सब्जेक्टिव विज़ुअल वर्टिकल और डायनेमिक विज़ुअल एक्यूटी जैसे जांच शामिल होते हैं। कुछ मरीज़ों को दिमाग के एमआरआई (MRI) की ज़रूरत हो सकती है। सुनने की क्षमता को मापने के लिए ऑडियोमेट्रिक जांच भी करवाना चाहिए।

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