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Ménière’s Disease

यह एक समस्या है जो आंतरिक कान को प्रभावित करती है। यह Tinnitus, बहरापन इत्यादि का कारण बन सकता है, यहां पता लगाएं कि इसके कारण क्या हैं, इसके लक्षण और इलाज।

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Ménière’s रोग क्या है?

Menieres disease एक आंतरिक कान का विकार है जिसे American Academy of Otolaryngology ने Idiopathic syndrome of endolymphatic hydrops के नाम से परिभाषित किया है।

सादी भाषा में इसे समझें तो Menieres की बिमारी प्रभावित कान में अत्यधिक दबाव पड़ने से उत्पन्न होती है, जिससे चक्कर आना सुनाई में दिक्कत होना कानों में सीटी या शोर जैसी आवाजों का आना जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। Menieres किसी भी उम्र मे उत्पन्न हो सकती है लेकिन 30-60 की उम्र के लोगो मे इसके विकसित होने की संभावना अधिक होती है –

Menieres के संकेत एवं लक्षण

1. Vertigo Episode Menieres

इस से पीडित व्यक्ति को सर तेजी से घूमने जैसा या चक्कर आना महसूस करता है । यह सनसनी अचानक शुरू हो के 20 मिनट से कई घंटो तक चल सकती है। में उल्टी एंव मन घबराना जैसे लक्षण उत्पन्न होते है।

2. सुनने की क्षमता मे हानि

Menieres के शुरूआती चरण मे अस्थायी तौर पर साफ नही सुनाई देता परंतु इलाज न करवाने पर यह स्थायी रूप में परिवर्तित हो सकती है।

3. कान गुंजना (Tinnitus)

Menieres मे कान मे गुंजन, गडगडाहट, सीटी बजने जैसा महसूस होता है। बिमारी की प्रगति के साथ यह स्थायी हो जाता है।

4. कान मे भारीपन का महसूस करना

डमदपमतमे से पीडित व्यक्ति को चक्कर शुरू होने से पहले ंिसर के किनारे एक तरफ दबाव महसूस होता है जो कि लक्षण सुधरने पर पूरी तरह से गायब हो जाते है। vestigo Episode अक्सर दिनों, सप्ताह या वर्षो के अंतराल के बीच दिख सकते है।

Menieres की जांचे

Menieres की बिमारी का पता लगाने के लिए प्रभावित व्यक्ति को अमतजपहव के दो Episode 20 मिनट या उससे अधिक के अंतराल के आए होने चाहिए, परन्तु यह अवधि 24 घंटेे से अधिक न हो। एक प्रशिक्षित चिकित्सक सुनवाई के स्तर की जाचं एवं कानो मे भारीपन की जांच भी करता है।

Menieres की पुष्टि के लिए VNG, ECochG एव Audiometry की मदद ली जाती है।

Menieres के उपचार

Menieres के उपचार मुख्य रूप से निम्नलिखित तरीको पर केन्द्रित होता है।

  • खानपान मे बदलाव – रोगी को कम नमक एंव कैफीन लेने की सलाह दी जाती है।
  • दवांए – Meclizine/Prochlorperazine Or Diazepam चक्कर से छुटकारा पाने मे मदद करती है।
  • Anti nauseatic दवांए जी मिचलाने एवं उल्टी आने केा नियंत्रित करती है।
  • Diuretics आंतरिक कान मे दबाव को कम करती है।
  • Betahistine जैसी दवाओं की सही, उचित खुराक लक्षणो को नियंत्रित करने मे सक्षम होती है।

बिना शल्य चिकित्सा के इलाज

1. Vestibular Rehabilitation Therapy

चक्कर के कारण उत्पन्न असुविधा को रोगी के अनुसार Rehabilitation उपचार के साथ सहायता प्रदान की जाती है।

2. कान के उपकरण

सुनने की क्षमता को सुधारने के लिए कान की मशीन का उपयोग किया जाता है।

3. मेनीट डिवाइस

इस डिवाइस के उपयोग से कानों मे स्पंदन पैदा कर कान के तरल पदार्थ से दबाव को कम करके कान के centre मे सुनने की क्षमता को बढाता है।इस उपकरण को घर मे 5 मिनट तक दिन मे तीन बार तक उपयोग कर सकते है। अगर यह तरीके प्रभावी नही होते तो इलाज के लिये डाक्टर दूसरे इलाज लेने की सलाह देता है।

मध्य कान इंजेक्शन

चिकित्सक दवा को मध्य कान मे पेश करता है जो रिस कर आंतरिक कान में पहुँच जाती है, और चक्कर के लक्षणों से राहत प्रदान करता है। Steroid एवं Gentamicin का व्यापक रूप से चिकित्सको द्वारा उपयोग किया जाता है। Gentamicin से endolymph का उत्पादन कम होता है, जिससे आंतरिक कान मे दबाव में कमी आती है। Dexamethasone and Methylprednisolone भी vertigo को नियंत्रित करने मे प्रभावी होते है। यह प्रकिया भी local anaesthesia के साथ की जाती है।

Menieres के लिए सर्जरी

Menieres के इलाज का अंतिम विकल्प शल्य चिकित्सा होता है। जिसे निम्न तरीकों से की जाती है।

Endolymphatic Sac प्रक्रिया

1. Vestibular Nerve Section

इस क्रिया मे चिकित्सक Vestibular Nerve को काटता है जो संतुलन के लिए आवष्यक होता है। इसमे प्रभावित कान की सुनने की क्षमता को बचाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकिया मे रोगी को रात भर अस्तपताल मे भर्ती होने की आवश्यकता होती है।

2. Labyrinthectomy

चिकित्सक कान के अन्दर के उस खंड को हटाता है जो संतुलन और सुनवाई की क्षमता को नियंत्रित करता है।

डॉ अनीता भंडारी

डॉ अनीता भंडारी एक वरिष्ठ न्यूरोटॉलिजिस्ट हैं। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से ईएनटी में पोस्ट ग्रेजुएट और सिंगापुर से ओटोलॉजी एंड न्यूरोटोलॉजी में फेलो, डॉ भंडारी भारत के सर्वश्रेष्ठ वर्टिगो और कान विशेषज्ञ डॉक्टरों में से एक हैं। वह जैन ईएनटी अस्पताल, जयपुर में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में जुड़ी हुई हैं और यूनिसेफ के सहयोग से 3 साल के प्रोजेक्ट में प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर के रूप में काम करती हैं, जिसका उद्देश्य 3000 से अधिक वंचित बच्चों के साथ काम करना है। वर्टिगो और अन्य संतुलन विकारों के निदान और उपचार के लिए निर्णायक नैदानिक ​​उपकरण जयपुर में न्यूरोइक्विलिब्रियम डायग्नोस्टिक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किए गए हैं। उन्होंने वीडियो निस्टागमोग्राफी, क्रैनियोकॉर्पोग्राफी, डायनेमिक विज़ुअल एक्यूआई और सब्जेक्टिवेटिव वर्टिकल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ अनीता भंडारी ने क्रैनियोकॉर्पोग्राफी के लिए अपने एक पेटेंट का श्रेय दिया है और वर्टिगो डायग्नोस्टिक उपकरणों के लिए चार और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। वर्टिगो रोगियों का इलाज करने के लिए वर्चुअल रियलिटी का उपयोग करके अद्वितीय वेस्टिबुलर पुनर्वास चिकित्सा विकसित की है। उन्होंने वेस्टिबुलर फिजियोलॉजी, डायनेमिक विज़ुअल एक्युइटी, वर्टिगो के सर्जिकल ट्रीटमेंट और वर्टिगो में न्यूरोटोलॉजी पाठ्यपुस्तकों के लिए कठिन मामलों पर अध्यायों का लेखन किया है। उन्होंने वर्टिगो, बैलेंस डिसऑर्डर और ट्रीटमेंट पर दुनिया भर में सेमिनार और ट्रेनिंग भी की है। डॉ अनीता भंडारी एक वरिष्ठ न्यूरोटॉलिजिस्ट हैं। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से ईएनटी में पोस्ट ग्रेजुएट और सिंगापुर से ओटोलॉजी एंड न्यूरोटोलॉजी में फेलो, डॉ भंडारी भारत के सर्वश्रेष्ठ वर्टिगो और कान विशेषज्ञ डॉक्टरों में से एक हैं। वह जैन ईएनटी अस्पताल, जयपुर में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में जुड़ी हुई हैं और यूनिसेफ के सहयोग से 3 साल के प्रोजेक्ट में प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर के रूप में काम करती हैं, जिसका उद्देश्य 3000 से अधिक वंचित बच्चों के साथ काम करना है। वर्टिगो और अन्य संतुलन विकारों के निदान और उपचार के लिए निर्णायक नैदानिक ​​उपकरण जयपुर में न्यूरोइक्विलिब्रियम डायग्नोस्टिक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किए गए हैं। उन्होंने वीडियो निस्टागमोग्राफी, क्रैनियोकॉर्पोग्राफी, डायनेमिक विज़ुअल एक्यूआई और सब्जेक्टिवेटिव वर्टिकल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ अनीता भंडारी ने क्रैनियोकॉर्पोग्राफी के लिए अपने एक पेटेंट का श्रेय दिया है और वर्टिगो डायग्नोस्टिक उपकरणों के लिए चार और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। वर्टिगो रोगियों का इलाज करने के लिए वर्चुअल रियलिटी का उपयोग करके अद्वितीय वेस्टिबुलर पुनर्वास चिकित्सा विकसित की है। उन्होंने वेस्टिबुलर फिजियोलॉजी, डायनेमिक विज़ुअल एक्युइटी, वर्टिगो के सर्जिकल ट्रीटमेंट और वर्टिगो में न्यूरोटोलॉजी पाठ्यपुस्तकों के लिए कठिन मामलों पर अध्यायों का लेखन किया है। उन्होंने वर्टिगो, बैलेंस डिसऑर्डर और ट्रीटमेंट पर दुनिया भर में सेमिनार और ट्रेनिंग भी की है।

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